सोमवार, 20 दिसंबर 2010

• द्वितीय अवधी सम्मेलन 13 फरवरी, 2011 को स्वानंद आश्रम परिसर, येऊर, ठाणे में




देश के अवधी अंचलों व नेपाल से अवधी विद्वान, कवि व कलाकार उपस्थित रहेंगे।
परिचर्चा, सृजन संवाद, विभूतियों का सम्मान एवं लोक काव्य संध्या का आयोजन भी होगा।


- राजेश विक्रांत, मुंबई -

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के निकटवर्ती ठाणे शहर की सुरम्य येऊर हिल्स स्थित परमपूज्य स्वानंद बाबा आश्रम परिसर में रविवार, 13 फरवरी, 2011 को सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक अवधी सम्मेलन का आयोजन प.पू.स्वानंद बाबा सेवा न्यास के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें सुलतानपुर, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद, बहराइच, आदि अवधी अंचलों के साथ नई दिल्ली व नेपाल से अवधी विद्वान, कवि व कलाकार हिस्सा लेंगे। अवधी सम्मेलन में परिचर्चा, सृजन संवाद, अवधी विभूतियों के सम्मान के साथ लोक काव्य संध्या का आयोजन भी होगा।

अवधी सम्मेलन की परिचर्चा "अवधी की चुनौतियाँ" में बोली-बानी के संपादक व अवधी अकादमी के अध्यक्ष जगदीश पीयूष, अवध भारती समिति के महामंत्री डॉ. रामबहादुर मिश्र, अवधी विकास संस्थान के अध्यक्ष एड. विनोद मिश्र, दोपहर का सामना के कार्यकारी संपादक प्रेम शुक्ल, सुप्रसिद्ध गीतकार समीर, सहारा समय के ब्यूरो प्रमुख सैयद सलमान, सिटी चैनल के मुख्य संपादक अजय पत्रकार / सौरभ ओमर विचार व्यक्त करेंगे। इसकी अध्यक्षता मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. रामजी तिवारी करेंगे व संचालन अभियान संस्था के अध्यक्ष अमरजीत मिश्र करेंगे। सृजन संवाद में नेपाल के अवधी विद्वान लोकनाथ वर्मा, राहुल नेपाली अवधी की प्रवृत्तियों को, लाइव इंडिया के प्रमुख संवाददाता रवि तिवारी, मीडिया में अवधी तथा कवि डॉ. अशोक गुलशन अवधी कविता के गुणों को रेखांकित करेंगे।

लोक काव्य संध्या में सुप्रसिद्ध अवधी गायिका मालिनी सिंह बिसेन, व्याख्या मिश्रा, सुप्रसिद्ध गायक रवि त्रिपाठी, कवि निर्झर आजमगढ़ी, अशोक टाटंबरी(फैजाबाद) व गीतकार कमल किशोर भावुक, लखनऊ के साथ मुंबई के प्रमुख स्थानीय कवि शिरकत करेंगे। सम्मेलन के अवसर पर "विकलांग की पुकार" साप्ताहिक के अभय मिश्र के अतिथि संपादन में अवधी गौरव विशेषांक का विमोचन पं. दुर्गा प्रसाद पाठक द्वारा होगा। इस सम्मेलन के आयोजन में उद्योगपति समाजसेवी चंद्रशेखर आर. शुक्ला, उद्योगपति बबलू पांडेय, कवि देवमणि पांडेय, पत्रकार सरताज मेहदी का सहयोग है।

इस कार्यक्रम के लिए सुप्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं सांसद डॉ. पी.एल. पूनिया (बाराबंकी) व डॉ. संजय सिंह (सुलतानपुर) से भी संपर्क किया गया है।

अवधी सम्मेलन, मुंबई के बारे में :
विश्व प्रसिद्ध काव्य साहित्य व मूल्यवान लोक साहित्य की भाषा अवधी के प्रचार-प्रसार, उन्नयन व संवर्धन के लिए अवधी सम्मेलन, मुंबई की भावनात्मक स्थापना 14 दिसंबर, 2009 को राजेश विक्रांत द्वारा की गई। संस्था ने 22 जनवरी, 2010 को मुंबई में प्रथम अवधी सम्मेलन का आयोजन रंगभारती-हमलोग के सौजन्य से किया। इसमें जगदीश पीयूष, डॉ. रामजी तिवारी, प्रेम शुक्ल, पं. किरण मिश्र, आनंद त्रिपाठी, हृदयेश मयंक, द्वारिकानाथ मिश्रा, बृजनाथ, अनुराग त्रिपाठी, हरिश्चंद्र, रामप्यारे सिंह रघुवंशी, ओमप्रकाश तिवारी, एड. विजय सिंह, वर्ल्ड ऑफ ग्रेट फेसेस के संपादक अभिलाष अवस्थी, देवमणि पांडेय, अभय मिश्र, रासबिहारी पांडेय, बोधिसत्व, दिवाकर द्विवेदी, अर्चना मिश्रा, मनोज मुंतशिर, सुरेश मिश्र व कमलेश पांडेय तरुण उपस्थित रहे।

प.पू.स्वानंद बाबा सेवा न्यास के बारे में :

ठाणे के येऊर हिल्स स्थित प.पू. स्वानंद बाबा आश्रम का प्रबंधन इस न्यास द्वारा किया जाता है। इस न्यास के प्रमुख ट्रस्टी प्रेम शुक्ल हैं। आश्रम में स्वानंद समाधि, महादेव मंदिर, हनुमान मंदिर के साथ सामुदायिक सुविधायुक्त स्वानंद सदन का निर्माण ट्रस्ट द्वारा किया गया है। होली उत्सव, गुरुपूर्णिमा, श्रावण उत्सव, शरद पूर्णिमा, वासंतिक नवरात्रि, शारदीय नवरात्रि, दीपपर्व, महाशिवरात्रि, मकर संक्रांति पर आश्रम में भव्य दिव्य आयोजन होता है जिसमें कई हजार धर्म प्रेमी व श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। शरद पूर्णिमा की रात आश्रम परिसर में आयाजित होने वाली काव्य निशा की ख्याति दूर-दूर तक है। न्यास की ओर से समय-समय पर साहित्यकारों-पत्रकारों कलाकारों के सम्मान का कार्यक्रम व मेडिकल शिविरों का आयोजन भी पं. दुर्गा प्रसाद पाठक व श्रीमती शांति प्रेम शुक्ल के मार्गदर्शन में होता है।
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अधिक जानकारी हेतु सम्मेलन के मीडिया प्रभारी आफताब आलम से 09224169416, ई-मेलः aftaby2k@hotmail.com पर अथवा राजेश विक्रांत से 09820120912 www.rajeshvikrant.blogspot.com तथा www.aftabalamhindustani.blogspot.com पर भी लॉगऑन किया जा सकता है।

रविवार, 7 मार्च 2010

मुंबई का अवधी सम्मेलन व मैं






राजेश विक्रांत, मुबई
हिंदुस्तान व भारतीय संस्कृति की रक्षा करने वाले वीर मराठों की भूमि मुंबई में भगवान राम के क्षेत्र अवध की भाषा अवधी का सम्मेलन होना एक सुखद संकेत है जिसे "रंग भारती" व "हम लोग" ने साकार किया है। अवधी यूपी के 24, बिहार के 2 तथा नेपाल के 8 जिलों में लगभग 12 करोड़ लोगों की भाषा है। तुलसीदास, अमीर खुसरो, मलिक मोहम्मद जायसी, मुल्ला दाउद, कबीर, कुतुबन, मंझन, रहीम सरीखे महाकवि अवधी में हैं। यह उदगार अवधी अकादमी के अध्यक्ष व बोली बानी के संपादक जगदीश पीयूष ने विलेपार्ले (पश्चिम) स्थित शुभम हाल में आयोजित "अवधी सम्मेलन" के मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए। हिंदी की आत्मा अवधी पर परिचर्चा की अध्यक्षता करते हुए मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. रामजी तिवारी ने कहा कि उल्लास, जीवन व विकास की भाषा अवधी बड़ी भाग्यशाली है। इसके भाग्य का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि इसे गोस्वामी तुलसीदास सरीखा महाकवि मिला व गोस्वामी का भाग्य कि उन्हें श्री राम सरीखा नायक मिल गया, सुपरिणाम श्रीरामचरितमानस की रचना हुई।

मंचस्थ डॉ. रामजी तिवारी, जगदीश पीयूष, नवभारत टाइम्स के वरिष्ठ पत्रकार अनुराग त्रिपाठी, हम लोग के अध्यक्ष एडवोकेट विजय सिंह, दोपहर का सामना के कार्यकारी संपादक प्रेम शुक्ल व कवि देवमणि पांडेय द्वारा दीप प्रज्जवलन व मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण तथा सुप्रसिद्ध लोक गायक दिवाकर द्विवेदी के मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरूआत हुई। परिचर्चा की शुरूआत करते हुए अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि मुंबई में हिंदी को जन्म देनेवाली अवधी का दीप पहली बार प्रज्जवलित हुआ है, हमें इसे हमेशा जलाए रखना है। विशेष वक्ता प्रेम शुक्ल ने अवधी प्रेमियों को भरोसा दिलाया कि अवधी का प्रवाह रुकने नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि "रंगभारती" की ओर से शीघ्र ही "अवध महोत्सव" का आयोजन किया जाएगा तथा हिंदी की जितनी बोलियां-भाषाएं हैं, उनके प्रचार-प्रसार व विकास के लिए भी एक अभियान की शुरुआत की जाएगी। अवधी श्रीराम की भाषा यानी अखिल ब्रह्मांड की भाषा है। यह हिंदी की आत्मा है ही, साथ ही हिंदी का शरीर अवधी का है, श्रीरामचरितमानस व पदमावत के बिना हिंदी की कल्पना ही नहीं की जा सकती।

सम्मेलन में अवध की मिट्टी से जुड़े "श्री महाराष्ट्र रामलीला मंडल" के महामंत्री द्वारिकानाथ मिश्रा, लोकगायक दिवाकर द्विवेदी व बाल कलाकार आदित्यांश का सम्मान किया गया। इस अवसर पर देवमणि पांडेय के संचालन में आयोजित लोककाव्य संध्या में वृजनाथ, आनंद त्रिपाठी, गीतकार हरिश्चंद्र, पं. किरण मिश्र, बोधिसत्व, ह्रदयेश मयंक, राम प्यारे रघुवंशी, सुरेश मिश्र, ओम प्रकाश तिवारी, अभय मिश्र, रास बिहारी पांडेय, मनोज मुंतशिर, आदि ने लोकभाषा की बहुरंगी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। अतिथियों का स्वागत "हम लोग" के अध्यक्ष एडवोकेट विजय सिंह ने किया। आभार प्रदर्शन अवधी सम्मेलन मुंबई के संयोजक राजेश विक्रांत ने माना।

राजेश विक्रांत
सहायक संपादक-पत्रकारिता कोश
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